शेष भाग )
लाईक गिनकर या तारीफ ( Comments ) पाकर खुश होने के इस दौर मे यह याद रखना भी जरूरी होना चाहिए कि एक पाठक भले ही आपकी रचना की व्याख्या न करें ,,,,,,, पर वह, (इस तरफ उसका रूझान होने से ) साधारण और उच्च स्तरीय रचना का अंतर अच्छी तरह समझ जाता है, एक पाठक के दिमाग पर अच्छी उच्च स्तरीय रचना, एक उच्च सोच का प्रभाव छोड़ती है जो आजीवन बना रहता है । कहने का तात्पर्य यह है अपनी लिखी रचना पर शुद्ध शब्द ,व्याकरण , भाषा शैली , स्पष्टता के लिए भी मेहनत करे ,पहला विचार आते ही उसे फटाफट लिखकर ( TYPE ) कर कर छपने या POST करने की जल्दी न करें । उस रचना को संवारे ,
हजारो लेखको, रचनाकारों की भीङ मे यह आपके हित मे होगा , और हमारे देश की मात्र भाषा हिन्दी के हित मे भी । धन्यवाद , कुछ गलत के लिए क्षमा प्रार्थी .....🌹🌹