जब से तेरे जलवा - ए - हुस्न का दीदार हुआ है
उस दिन से मुझे प्यार से प्यार हुआ है
तेरी गली से जब भी गुजरता हूं मैं कभी
सोचता हूं कि तेरे क़दमों में रख दूं दिल को मैं अभी
मुझ जैसे कितने मजनूं खड़े हैं कतार में
नज़रों का करम हो तेरी इश्क के इज़हार में
ज़िन्दगी तो संवर जाएगी ये ऐतवार है
मुझे सिर्फ और सिर्फ बस तुमसे ही प्यार है
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#पंक्ति