मन में एक सोच उठी है उसे आगे बढाएंगे
ना रुकेंगे ना हारेंगे सबको साथ लेकेजाएंगे
एक ऐसा भारत बनाएंगे
कंक्रीट के इन जंगलों में हर तरफ हरियाली लाएंगे
जहां जैसी जगह मिली वैसा पौधा लगाएंगे
एक ऐसा भारत बनाएंगे
अब ना शोर-शराबा होगा ना होर्न बजाएंगे
डीपर की भाषा समझेंगे हम दूसरों को समझाएंगे
एक ऐसा भारत बनाएंगे
दूसरों को रास्ता देने गाड़ी बायें हम चलाएंगे
लेन ड्राइविंग समझेंगे हम दूसरों को समझाएंगे
एक ऐसा भारत बनाएंगे
चाइना में चाइनीस चलती जापान में जापानी
भारत में भी हिंदी चले हिंदी को अपनाएंगे
एक ऐसा भारत बनाएंगे
तुलसी भारत एक है अनेक में एक भारतीय
हर भारतीय में परिवर्तन की लहर हम जगायेंगे
एक ऐसा भारत बनाएंगे