शब्दों का भी स्वाद होता है
कभी तीखा, कभी मीठा होता है
जिन शब्दों का स्वाद हमें नहीं भाता है
उसे किसीको भी परोसना अच्छा होता नही है
क्योंकि शब्द ही सब कुछ संभालते भी है
और बिगाड भी सकते है
शब्दों का भी बोलने का तरीका होता है
हर शब्द का हर जगह उपयोग नही होता है
यदि बस ये समझ में आ जाये हमें
फिर कहाँ कोई जीवन में समस्या होती हैं