मेरे भाइयों, खुश हो जाओ।
नाचो, गाओ, जश्न मनाओ।
जय नाद करो, तालियां बाजाओ।
आज से आपके मार्ग, मकान, मौहल्ला, गली, चौबारा,
बाग़, मैदान, गाँव, नगर आपके उन्ननायक के नाम से जाने जायेंगे।
बजाओ तालियाँ....।
बड़ा उपकार किया है आप पर।
पुराने परिचित जगह को नया नाम दिया जायेगा।
तख्ती बदली जायेगी।
एक तख्ती उतारकर दूसरी चढ़ायी जायेगी।
नवीनीकरण होगा नाम का।
एक प्रतिमा चौराहे, नुक्कड़ पर
बाग, मैदान में लगा दी।
फिर उसी का नाम बदल कर नया नाम दिया जाएगा।
प्रतिमा बदल कर नई प्रतिमा लगा दी जायेगी।
फायदा ही फायदा बाकायदा किसको?
देखना इस बार भी रोटी किसी ओर के पेट में जाएँगी।
इस बार भी सरकार बाजी मार जायेगी।
जनता हमेशां मुर्ख ही कहलाएगी।
बजाओ तालियाँ......
नहीं तो बस देते रहो गालियाँ...।
गर्व से कहो "देश बदल रहा है।"
-दीपेश कामडी 'अनीस'
9, अगस्त 2020