ज़िंदग़ी में अवसरों का लाभ लेना एक सर्वमान्य नियम है लेकिन ये जीवन खुद में भी एक अवसर ही है जो सिर्फ एक बार ही मिलता है इसलिए ज़रूरी है कि इसका हंसते-मुस्कुराते हुए भरपूर फ़ायदा उठाया जाए। हर लम्हा, हर क्षण बहुत कीमती है क्योंकि एक बार ग़ुज़र जाने के बाद यह वापस नहीं आएगा। कहते हैं कि जीना तो हर हाल में ही है तो मुस्कुरा कर जीने में हर्ज क्या है। नए दोस्त बनाते चलिए, नफ़रत मिटाते चलिए, खुद को संवारते चलिए और भला कीजिए, जीवन इतना ही सरल और सादा है।
जीवन समय की इकाई से बना है इसलिए एक लमहे में सौ लमहों को जी लेने वाला ही सबसे अच्छा जीवन का सदुपयोग कर सकता है, रेत से फिसलते वक्त के साथ खुद को दरिया की तरह बहा देने वाला ही सच में जीवन-विषय का दार्शनिक है।