सफर है अनजाना,
साथी भी अनजाने है,
होगा पूरा ये कहाँ ,
इस दिल को खबर कहाँ।
छाए है फलक पर ।
जैसे इंद्रधनुष के रंग।
आए हो पलक पर तुम ।
वैसे ही सपनो के संग।
बिखर जाएँगे वो रंग,
दूर कही बादलो में।
खो जाओगे वैसे ही ,
तुम भी कही सपनो में।
piyusha gondaliya...