सावन कब आता है?
यादो से दिल भर जाता है ,
भावों को तनहा पाता है ,
यह सावन, तब आता है|
भावो की उठती गर्मी से ,
मन, वृक्ष सरीके कुम्हलाता है |
यह सावन ,तब आता है |
स्वर हो जाये जब अभिमानी ,
लगे तिरस्कृत करने शब्द,
न भावो को पहँचान मिले ,
यह सावन ,तब आता है|
मिलता न साथ , किसी का भी ,
जब प्रेम प्रार्थना बन जाती ,
प्रकृति से संवाद मिले ,
यह सावन जल बरसाता है |
यह सावन ,तब आता है || यह सावन तब आता है |