#संतुलन
ज़रूरी है संतुलन
हो कोई भी रिश्ता
जो भी हुआ असंतुलित
उसी रिश्ते में पड़ी दरार
मचा जीवन में हा-हाकार
पुरखे थे समझदार
सिखाया संतुलन का महत्व
अब हम ही न चाहें सीखना
कौन है कसूरवार?
प्रकृति सदा सिखाती
दिया उसको दुत्कार
अब भोग रहे परिणाम
अब भी बनें अनजान
कर लें यही जीवन स्वीकार?
न सीखे सूर्य,चंद्र से
न ही रात-दिन से
न ही किया चिंतन
पछतावा है बेकार---
अब भी सोचें-समझें
खोलें अपनी दृष्टि
प्रकृति माँ है,कर देगी क्षमा
अपने रहमोकरम की
करेगी सब पर वृष्टि।।
डॉ.प्रणवभारती