"नही कीमत उस सामन की ,जो सम्मान से मुख़ातिब हो |
लगाये विश्व भी बोली ,नही नीयत मेरी डोली |"
"हर कतरा मुनासिब है , वतन पर आँख जो देखे ,
निकालू फोड़ डालूं मै , जहाँ निकली ख़िलाफत है |"
"वतन के नाम पर जो है वही समान बेहतर है , न कोई मूल्य दे सकता ,न ही माँग बेहतर है |"
"हमारे जिस्म का कतरा ,उसे इनाम बेहतर है |
कटा दूँ सर यहाँ अपना यह स्थान बेहतर है |"
"यहाँ कण- कण कीमत रक्त है , दान बेहतर है |
छूने की करे कोशिश, तो तोड़ूं हाथ बेहतर है |"
"वतन पर हो गये कुर्बान, बस बलिदान बेहतर है |
नही कीमत कोई इसकी ,यहाँ सम्मान बेहतर है|"
#सामान