न सूरत पर ध्यान दे,
न 'लिखावट' को मान दे,
न ढूँढे मेरे गीतों में खुद को,
न शोहरत को सम्मान दे,
कपड़ों का क्या है ...
नए बनते हैं, फटते हैं, फिर सीते हैं,
शख्स ऐसा हो, जो इस शख्सियत पर जान दे ।
बाकी तो सब Handset के साथ मिलने वाली Accessories हैं । ~ Pranav