#वास्तविक
वास्तविक है जग का जीवन
वास्तविक है आना-जाना
वास्तविक आँसू का झरना
वास्तविक है खिलखिलाना----
बूँद पलकों पर सजी हो
धूप भी चाहे कड़ी हो
रे मुसाफ़िर याद रखना
सबसे ही संवाद रखना
मुखर होने से मिलेगा
मित्रता का एक ख़ज़ाना----
आँधियाँ - तूफ़ान होंगे
जलजले भी आम होंगे
तू न रुकना,न ही झुकना
न तेरा विश्वास टूटे
हर हृदय की आस बनकर
बादलों की प्यास बनकर
तू समर में कूद जाना----
और दिल से मुस्कुराना---
डॉ.प्रणव भारती