तूने पायल है छनकाई कि दिल मेरा झूम गया
तेरे दिल की देख सच्चाई कि दिल मेरा झूम गया
झर - झर बहते झरने का संगीत ने है मन मोहा
बचपन की देखा मुस्कान तो दिल मेरा झूम गया
वर्षा की बूंद बनी जीवन जंगल में बहार है अाई
पंछी की तान जब सुना तो दिल मेरा झूम गया
फूलों ने खिलकर वन में खुशियों का पर्व मनाया
भंवरों का गान जब सुना तो दिल मेरा झूम गया
वर्षा के नीर से धरती ने है अपनी प्यास बुझाई
धरती की देखा हरी चादर तो दिल मेरा झूम गया
दिल से निकली सच्चाई सीधे दिल पे दस्तक देती है
प्रकृति की देखा ये सच्चाई तो दिल मेरा झूम गया
#वास्तविक