कदम थक गए है
दूर निकलना छोड दिया है,
पर एसा नहीं के
मेने चलना छोड दीया है...
फासले अक्सर मुहब्बत बढ़ा देते है
पर ऐसा नही के
मेने करीब आना छोड़ दिया है...
मेने चिरागो से रोशन की
अक्सर अपनी शाम को
पर एसा नहीं की
मेने दिल को जलाना छोड दीया है...
हा दीख जाति है मायुषि अक्सर
मेरे दोस्तो को मेरे चहेरे पर
पर एसा नहीं की
मेने मुस्कुराना छोड दीया है.....!!!