युवा हूँ युवा मैं
दिल और दिमाग
का नया रंग हूँ
झूमता फिरता
मस्तमलंग हूँ ।।
गिरता संभलता
अनंत क्षितिज को
पार करता हूँ
अनंत चाह अनंत राह
का इकतारा हूँ ।।
माटी का कण हूँ
पूर्वजों का मन हूँ
मात पिता का
आशिष वचन हूँ
जीता जागता
प्रभु का तन हूँ ।।
।। युवा हूँ युवा मैं ।।
#युवा