Hindi Quote in Blog by Anant Dhish Aman

Blog quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

काम का सम्राजय क्यों ??

प्रकृति का एक अभिन्न अंग काम है काम से सृष्टि का सृजन है सृजन का अर्थ सौंदर्यीकरण होता है सौंदर्यीकरण करना प्रकृति का अभिन्न कार्यकलाप है ।।

किंतु काम में रत होना स्वंय को अप्राकृतीक करना है किंतु हम सभी कहीं न कहीं अप्राकृतीक होते जा रहे है जिस कारण से हम काम के अग्नि में वशीभूत होते जा रहे है ।।

काम सृष्टि का वाहक भी है और संहारक भी है ।।

काम शुद्ध भी है काम विशुद्ध भी है
काम सृष्टि के सृजन के लिए किया जाए तो वह शिव सा शुद्ध है इसी कारण से गृहस्थ धर्म को सबसे उत्तम माना गया है और है भी जिससे परिवार समाज राष्ट्र और विश्व को कार्यभार मिलता है ।। शुद्धता एकाकार में होता है ।।

काम जब वासना के केंद्रीयकरण में हो जाए तो मन की गती बुद्धि की गति को हर लेती है और सृष्टि का संहार करने लगती है ।। विशुद्धता धुर्वीकरण में होता है ।।

भोजन के और सिर्फ आकृष्ट रहने से भोग (काम) की उत्पत्ति होती है भोजन के साथ भजन(धर्म) करने से भक्ती की उत्पत्ति होती है ।।

रामकृष्ण परमहंस हंस सा संत विरले होते है अपने अर्धांगिनी को भी जो माँ कहते है
स्वामी विवेकानंद से शिष्य भी कम होते है जो स्त्री उनके पास उनके जैसा पुत्र हेतु उनके साथ काम की इच्छा रखती है वह उन्हें हीं माँ कहकर संबोधन करते है और उसकी पुत्र की अभिलाषा को संतुष्ट करते है ।।

काम का सम्राजय समाज में भोजन और धुर्वीकरण से बढता जा रहा है ।।

#अनंत

Hindi Blog by Anant Dhish Aman : 111490637
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now