तेरे दिल में जो मेरे प्रति प्रेम है ,
उसको कभी छुपाया मत कर।
आँखें सब कुछ कह देती हैं ,
शब्दों से भरमाया मत कर ।।
मैं अनुसूया-सावित्री हूँ ,
देवों को नतमस्तक कर सकती हूँ
शक्ति-स्वरूपा नारी को तू
जग का डर दिखलाया मत कर ।
आँखें सब कुछ कह देती हैं ,
शब्दों से भरमाया मत कर ।।
शहद पगी-सी मीठी बातें ,
जीवन में रस भरती हैं
मेरी छोटी भूलों पर तू ,
कर्कशता बरसाया मत कर ।
आँखें सब कुछ कह देती हैं ,
शब्दों से भरमाया मत कर ।।
बड़ी है तेरे दिल की दुनिया ,
लाखों लोग वहाँ बसते हैं
मेरी जगह सुरक्षित रखना ,
भीड़ में मुझे फँसाया मत कर ।
आँखें सब कुछ कह देती हैं ,
शब्दों से भरमाया मत कर ।।
तेरे दिल में जो मेरे प्रति प्रेम है ,
उसको कभी छुपाया मत कर ।
आँखें सब कुछ कह देती हैं ,
शब्दों से भरमाया मत कर ।।