Hindi Quote in Blog by Roopanjali singh parmar

Blog quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

मृत्यु,
जिसके उपरान्त सभी को आपसे प्यार हो जाएगा। जो आपको अपनो से दूर कर और करीब कर देगी।

मेरा स्वभाव थोड़ा जिज्ञासु है.. शायद इसलिए मैं मृत्यु का सच जानना चाहती हूँ। साथ ही यह भी जानना चाहती हूँ की व्यक्ति मृत्यु उपरांत कहीं और चला जाता है या उस ही मृत शरीर में कहीं बाकी रहता है।
आग की तपिश पहले किसे जलाती है? शरीर को या आत्मा को? या सपनों को?

अगर अतीत मस्तिष्क में बाकी है, तो क्यों?
जब हृदय की गति ही रुक गई तो यह अतीत किस हद तक बाकी रहता है? जब प्राण ही नहीं, तो बाकी क्यों है? और किसलिए?
और यूँ मृत्यु के उपरांत बाकी क्या-क्या रहता है?
क्योंकि भावनाएं, प्रेम, दुःख-सुख, संबंध यह तो जीवित होने पर ही साथ होते हैं, तो मृत्यु उपरांत क्या महसूस होता है?
क्या जल चुका शरीर या दफ़न हो चुका शरीर अपनी कब्र की मिट्टी को पहचान पाता है?
क्या किसी प्रियजन के कदमों के निशान कब्र के साथ-साथ दिल पर भी बनते हैं?
क्या चढ़ाए गए फूलों की खुशबू उसे महकाती है?
या वह केवल कब्र पर ही बिखरकर सूख जाते हैं और नष्ट हो जाते हैं?
क्या बारिश ज़मीन के अंदर तक पहुंचकर आत्मा को छूती है या बूंदें केवल ऊपरी सतह को ही गीला कर बह जाती हैं?
क्या जो मृत्यु पर मंत्रों का उच्चारण किया जाता है वह कानों तक पहुंचते हैं या यह केवल रस्म है?
क्या गंगा जल मुख से हृदय तक जाता है या मुख के ऊपरी हिस्से में ही कहीं बहकर सूख जाता है?
और ये दान और भोज का पुण्य मृत्यु के उपरांत कैसे मिलता है?
और अगर मिलता है तो यह क्रिया तत्काल ही करने पर क्यों मान्य है? जीवन भर क्यों नहीं।
ये जो लोग चीख-चीखकर रोते हैं, सिसकियां लेते हैं ये रिवाज है या दुःख है?
और अगर दुःख है तो जीवित से प्रेम क्यों नहीं?
क्यों केवल शोक के साथ ही प्रेम प्रकट किया जाता है?
मृत्यु आपको इतना खास क्यों बना देती है की क्षण भर में ही सबकी ज़ुबान पर मिठास के साथ जिक्र होता है?
हर जगह, हर मुँह से केवल प्रेम ही झलकता है।
और अगर सचमुच प्रेम है तो जीवित शरीर का मूल्य क्यों नहीं?
क्यों जीवित शरीर, मृत शरीर की भाँति ही प्यारा नहीं लगता?
किसी से यह कहने के लिए की आप उससे प्रेम करते हैं, आप मृत्यु का इंतज़ार क्यों करते हैं?
और अगर मृत्यु के उपरांत जीवन है तो यह अंत क्यों है?
आरंभ क्यों नहीं?
मुझे इन सभी सवालों का जवाब नहीं चाहिए।
क्योंकि मैं जीवित व्यक्तियों के आगे अपना प्रेम प्रकट करती हूँ, शायद यही वज़ह है कि मैं सवाल पूछ रही हूँ।
तो यदि आपको जवाब मालूम है, तो प्रेम करिए, प्रेम को प्रकट करिए।
मृत्यु का इंतज़ार नहीं करिए, क्योंकि शायद कहीं कोई और भी आपकी मृत्यु का इंतज़ार कर रहा है।
आपसे केवल यह कहने के लिए की वह आपसे प्रेम करता है।
#रूपकीबातें
#roopanjalisinghparmar #roop #roopkibaatein

Hindi Blog by Roopanjali singh parmar : 111480768
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now