न होता ये दिल और न हम्हे ये चोट लगती...
दिल के बिना दुनिया हमारी बेखोफ चलती...
न प्यार नाम की कोई चीज होती...
न ये आँखें आशुओ के बीज बोती...
पाकर खोने पर मलाल नही होता...
खोकर पाने पर सवाल नही होता...
हार व जीत का कोई तर्क नही होता...
तुम और मैं में कोई फर्क नही होता...
किसी को किसी से गिला नही होता...
जो चाहे जो उसको मिला वही होता...
ख्वाबो ख्यालों की दुनिया में घर नही बसता...
टूटने पर इनके आँखों में समंदर नही सजता...
डर से दूर दूर तक वास्ता नही होता..
जिस राह चलते वह रास्ता सही होता...
जिन्दगी हमारी बेरोकटोक चलती...
चिंता मुक्त शाम हमारी रोज ढलती...
न होता ये दिल और न हम्हे ये चोट लगती...