रुह ए मस्त पुकार, सुन ले जरा,
मन से मन का एहसास हो ज़रा ;
मौज ए दिल, हुश्न रूहानियत का,
आब ए हयात, दिल में देख जरा;
कुछ जज़्बाती फैसले, जल्दबाजी,
जज्बात की ऊफान, रोक ले ज़रा;
चले मुंह फुलाकर, बीना वजह से,
दिल्लगी दिल ए यार समझ लें ज़रा;
आनंद उल्फत का यह , सिलसिला,
हाल ए दिल, रुहानी यह देख जरा;