ऐ जिंदगी तू एक कविता है
इस कविता को आपने #आनंद मूवी में डॉ भास्कर बेनर्जी (अमिताभ बच्चन ) जरूर सुना होगा। लेकिन इस कविता में हर पंक्ति के बाद मेने स्वयम की कुछ पंक्तियां जोड़ दीं हैं।
ऐ जिंदगी तू एक कविता है
मुझसे कोई वादा तो नही था तुम्हारा...
""पर फिर भी तुम्हे शब्दों में ढालूँगा""
डूबती नब्जों में जब दर्द को नींद आने लगे...
""तब तुम रवानगी बन मेरी रगो में दौड़ना""
जर्द सा चेहरा लिए जब चाँद उफ़क़ तक पहुंचे...
""तब तुम चांदनी बन मेरे जीवन में चमकना""
दिन अभी पानी में रात किनारे के करीब...
ना अन्धेरा हो ना उजाला हो ना आधी रात ना दिन
"तब तुम अपनी सार्थकता लिए इस जमी पर उतरना"
जिस्म जब खत्म हो रूह को जब सांस आये...
"तब तुम मुझमे जीवन के ताने बाने बुनना"
मुझसे कोई वादा तो नही था तुम्हारा...
""पर फिर भी तुम्हे शब्दों में ढालूँगा""
ऐ जिंदगी तू एक कविता है
""तुझे लिखूंगा और लिखता रहूंगा""...👍
अतुल कुमार शर्मा "कुमार"