मेरे दिल का कोई रास्ता जाता हैं उसके घर तक
ख़बर मेरी सलामती का दे आता हैं उसके दिल तक
सोयी हुयी ख़ामोशी भरी रातों में मिलने आता हैं
मेरी तन्हाईयों को वो हर रोज ख़्वाबों में मिटाता हैं
जाहिर नहीं करता कभी कितना चाहता हैं मुझे वो
मगर चांदनी वाली रातों में निहारता हैं मुझे वो