ये ज़िंदगी भी कितनी अजीब हे ना, एक तो जन्म लेते ही खुद, कुछ रिश्तो से रुबरु करवाती हे, ये रिश्ते तेरे अपने ही तो हे, ये केह कर फिर भ्रम पेदा करवाती हे, इतना ही नही, समय आने पर फिर खुद ही उनकी पेहचान भी करवाती हे, इन सभी रिश्तों के लीये मे, मूर्ख सा हू, तो तू मुजे मूर्ख ही रेहने दे, तू मुजे एसे रिश्तों से बस दूर ही रख, यार मुजे, तू जेसी मीली हे ना बस वेसी ही जीने दे।
#मूर्ख