भले ही तुम अकेले हो जाना ,
खुद की बाते खुद से कर जाना ,
हाथ पकड़ के खुद को ही उठाना ,
पर किसी अनजान से डगर पर,
काली सड़क पर ,
भाले ही घबरा जाना।
पर ,
शत्रु को मित्र ना बनाना।
वो जख्म देगा ,
मित्रता का वध कर देगा ।
वो चिर देगा
सीना तेरा
वो मित्र नही।
वो
तो शत्रु तेरा।।