ब्रम्ह शाप वस बना था , कुंभकर्ण निद्रालु
वर्तमान के कुंभकरणों पर , कृपा करो हे कृपालु
कुभकर्ण को मुक्त कर , ले गए अपने धाम
आज कर्णधार तो मगन हैं , नींद में सुबह और शाम
इनका बेड़ापार करो , और दया करो हे दयालु
आस लगी है आपसे , श्रद्धानवत सब श्रद्धालु
#निद्रालु