झूठी ये दुनिया झूठे यहाँ के लोग
कीमत ये खुद की भूल
कैसे बेच जाते ये अपने झूठे फूल
झूठे हैं उनके जिदंगी के उसूल
और सच को मानते वो फिजूल
झूठी ये दुनिया झूठे यहाँ के लोग
रानी लिखती है सच की कहानी
न तेरी न मेरी बस सच की जुबानी
डरते वो हमसे न आँखे मिलाते
जब उनके झूठ का सच हम सुनाते
झूठी ये दुनिया झूठे यहाँ के लोग
#अलकारानी