तपती धरती ने पूछा
आग उगलते सूरज से
"क्यों हो गए तुम इतने निर्दयी ?"
सूरज ने कहा धरती से
कि अभी तुम नहीं समझोगी
तुम्हारा माथा गरम है
फ़िर सांझ पड़े
धरती के कंधों पर
अपना सर टिकाकर
सूरज ने बड़े प्यार से चूमा उसे
और
धरती शर्म से लाल होकर
बिछ गई अपने रवि की
स्नेहिल बाहों में
और भूल गई तपन सारी
धीमें धीमें
धरती सो गई रवि के
आलिंगन में और
दूर आकाश में
रवि के सितारे साथी सब
उनके प्रेम के अनगिन साक्षी बन
टिमटिमाने लगे
:- भुवन पांडे
#निर्दयी