हाँ बागी हो गया हूँ
दूर तलक नजर आती दुनिया का
बागी हो गया हूँ
गिरते संभलते पथ पे चलते
पथ के रोड़े का
हाँ साथी हो गया हूँ ।।
अखबार के पाठक का सदाबहार हो गया हूँ
राशिफल में मिलने वाले
जादुई हिस्से का कहानी हो गया हूँ
सुबह से शाम तक मेहनत के पानी का
नमकीन पहाड़ हो गया हूँ
हाँ बागी हो गया हूँ ।।
हाँ हाँ का रट स्वाभिमान करता नही
हाथ खड़ा रब के अलावा कहीं होता नही
पत्थर में जान फूंक देना आसान है
जान वालों में जान है यह बतलाना भी आसान नहीं ।।
डूबा सको तो डूबा देना
मौका मिले तो चौका लगा देना,
क्योंकी तैरने के लिए
हाँ बागी हो गया हूँ
जिंदा रहने के जिद्द का साथी हो गया हूँ ।।
#Rebellious