to be continue....
__रुहानी__
मीलने तो चले एक दुजे से
पर हाथोंमें थी समशीरे प्यासी खुनकी
दीलोको तो था हारना
पर दुनिया को था जीताना
बुझ गई प्यास समशीरो की
दीलोने हार कबुल की
इश्क का नशा था ही एसा नशीला
आंखों से ले कर खुन की आखरी बुद तक बहा
एक ये थी एसी कहानी
जीसके राजा की न थी कोई रानी
न था राजा कोई रानी का
फीर्भी इस कहानी में थे एक राजा-रानी
जीनकी मोहब्बत थी रुहानी
Dip@li