मेरा एक काम कर दो
मुझे, इस रिश्ते से आज़ाद कर दो
पूरा जीवन ये तुम्हारे साथ देखा था
और कुछ नहीं सिर्फ़ प्यार मांगा था
कब तुमसे बहुत कुछ चाहा था हमने
बस कुछ पलों का ही साथ मांगा था
वो पल ना दे सके तुम कोई बात नहीं
मुझे ठूकराकर मूझपर एहसान कर दो
अब मुझे इस रिश्ते से आज़ाद कर दो
- अनिता पाठक