"रिश्ता- तेरा मेरा
Part -4
आपने लंच नहीं किया???....काम तो सारे दिन करना है, lunch time is personal time and relaxing time....इसलिए लंच करिए सबसे पहलें.....
"जी सर, मैं कर लूँगी थोड़ी देर में, I have to incorporate these changes in the draft"...
No Ms.Bajaj....अभी मतलब अभी....चलिए मेरे साथ canteen....क्या कहां था आपने...आपके टिफ़िन में आलू के परांठे है???? क्या मुझसे share करना पसंद करेंगी आप????
"Whattt....!!!!! U will eat from my lunch box.....?????ऐसे कैसे....मैं आपके लिए बाहर से मँगवा देती हूँ.....बस 10 min में आ जाएँगा....
No Ms. Bajaj.....I want to have from your lunch box....माँ के हाथ के है ना....!!!!आप नहीं चाहतीं share करना तो बात अलग है....
"No no nothing like that....आप पूरा खा सकतें हैं"......यें लीजिए....canteen is that side....
"N you are coming with me....Ms.Bajaj....अब ऐसे ही खड़े रह के पूरा लंच टाइम खत्म करना है क्या?????....अभिराज ने कहा....
ठीक है सर, चलिए....
नमिता और अभिराज दोनो canteen में एक टेबल पें बैठ गयें.....
"नमिता मैम....coffee ला दूँ....खाना खाते तक आपकी cold coffee बन जाएंगी....canteen वाले तुकाराम ने पूछा.....
"तुकाराम भईया दो coffee दे दो....और plate भी"....
तुकाराम plate दे गया....नमिता और अभिराज दोनो नमिता के टिफ़िन के आलू के परांठे खा रहे थे....
My God....!!!!! क्या बात है???? क्या परांठे है.....मैंने कभी नही खाएं ऐसे परांठे......कभी नहीं......
क्यूँ सर???आप की माँ भी बनाती होगी.....
"पता नहीं, नमिता जी....माँ बनाती भी होंगी तो भी मैंने कभी नहीं खाएं.....because my mom left us when I was just a kid of 2 years....
"Ohhh....sorry sir".....
"It's ok....
अभिराज की बात सुनकर नमिता सोंच में पड़ गयी.....
इतने में तुकाराम दो कप काॅफी रख गया ......
अभिराज ने पाँच मिनट में काॅफी और परांठे दोनो खत्म कर दिए.....जबकि नमिता धीरे धीरे धीरे एक ही परांठे को खा रहीं थीं....
Ms. Bajaj.....परांठा ज्यादा गरम है????अभिराज ने पूछा????
"नहीं यें तो सुबह-सुबह का बना हुआ है"....
तो????
बस सर दो मिनट....
इतने में अभिराज का फोन बजता है,
Excuse me....
अभिराज फोन attend करता है.....
और नमिता सोंचती है, क्या हर किसी की जिंदगी में कुछ न कुछ कमी रहती है????
To be continued.....