#आज की प्रतियोगिता "
# विषय .शांत "
*** कविता ***
शांत प्रसन्नता का ,प्रतीक होता ।
शांत मौन का ,प्रतीक होता ।।
शांत ध्यान का ,प्रतीक होता ।
शांत भक्ति का ,प्रतीक होता ।।
शांत स्नेह का ,प्रतीक होता ।
शांत जल ,सुदंर लगता ।।
शांत स्वभाव ,प्यारा लगता ।
शांत सबके आँखों ,का तारा लगता ।।
शांत निर्मल और ,स्वच्छ होता ।
कहता बृजेश शांत प्रभु ,को प्यारा लगता ।।
बृजमोहन रणा ,कश्यप ,कवि , अमदाबाद ,गुजरात ।