ओड़िया भाषा मैं एक कबि हैं गंगाधर मेहेर ||
वोह अनेक काब्य, कबिता लिखें हैं |मगर वोह
निर्धन थे तो उन्होंने अपनी अबस्था का यह निष्कर्ष
निकाला के माता लक्ष्मी जी एबम माता सरस्वती जी
सौतन हैं तो साथ मैं कहीं नहीं रहते. क्यों की वोह
साहित्य साधना करते हैं तो देबी सरस्वती की कृपा तो
उनपर है परन्तु धन की देबी महा लक्ष्मी की रोष का
वोह शिकार हैं कदाचित इसी लिए वोह निर्धन हैं.