मेरी गली में इक भिखारी रोज़ भीख मांगता,
चिथड़े कुथड़े लिपटे तन पर
हाथ जोड़कर,पैर छूकर
लोगों के लिए लाख दुआएं मांगता
अपना पेट पालता,
रोज़ गालियां सुनता,
लेकिन बदुआएं नहीं देता
केवल भीख मांगता,,,,
खाली पेट मृत्य से पहले की दशा है
वह अपनी दशा को कोसता
और तब भी भीख मांगता,,,,,