Hindi Quote in Story by योगेश जोजारे

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साईंबाबा के चरणों पर माथा टेक कर युवी बोला " बाबा मै समझ गया कि आप क्या चाहते हो, बस मुझे आशीर्वाद दीजिये के में सफल हो सकू"
यह कहकर युवी ने पास ही पड़े एक कपडे की झोली में विभुति भरकर अपने साथ ली और थोड़ी अपनी शर्ट की जेब मे भर ली. थोड़ीसी विभूति पाणी में डाली, वह पाणी पीकर युवी नवऊर्जा तरोताज़ा हो कर मन्दिर से बाहर आ गया.
मोबाईल में समय देखा रात के २:२०.
ऊँचे टीले पर मोबाईल को रेंज नही थी.
सीढ़ियों के पास आते ही उसे एक बोर्ड दिखाई दिया, आश्चर्य की बात ये थी कि आज से पहले उसने यह बोर्ड़ युविने  कभी नहीं देखा उस पर लिखा था
' यहाँ से रात 10 बजे के पहले ही साईंदर्शन कर टीले के नीचे उतर जाए, क्यो की रात 11 बजे के बाद इस टीले में एक नरभक्षी पिशाच्च घूमता हैं. यदि टीले के उपर ही देरी हो जाए तो साईंदरबार में ही रात बिताइये. यह एक जागृत स्थान हैं यहां मन्दिर की सीढ़ियों से ऊपर आप सुरक्षित हैं. सुबह 5 बज के बाद ही घर की ओर प्रस्थान करे. धन्यवाद...!'
युवी यह पढ़कर मनहिमन मुस्कुराते हुये साईं दरबार की सीढ़ियों से होकर नीचे उतरने लगा.जैसे उसे बाबा की ओर से कोई गुप्त संदेश ही मिला हो. आखरी सीढ़ी पर रूककर युवी मंदिर की ओर मुड़ा बाबा को अधोवदन झुक कर नमन किया "बाबा मुझे शक्ति,साहस प्रदान करना" बोलते हुए वह आखरी सीढ़ी उतर आगे बढ गया.

"आगे युवी के साथ क्या होता है, क्या वह उस नरभक्षी पिशाच्च का मुकाबला कर पाता है या कुछ और अदभुद घटना युवी के साथ घटित होती है जानने के लिए जरूर पढ़िए "


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Hindi Story by योगेश जोजारे : 111462324
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