रात भर मैं तो बस जागता रह गया
आप का रास्ता देखता रह गया
सब ने पूछा मुझे क्या हुआ है तुझे
और मैं खुद भी यह खोजता रह गया
कौन जाने कि मैं खो गया हूं कहां
आप अपने को मैं ढूंढता रह गया
अपने घर ही की दहलीज पर बैठकर
अपने घर ही का पता पूछता रह गया
वह जो हाथों से गिरहें लगाई गईं
उनको मुंह से कोई खोलता रह गया
उसने पूछा भी पर मैं न कुछ कह सका
मैं तो लफ्जों को ही तोलता रह गया
अपनी सोचो की खिड़की को मैं खोल कर
तेरे चेहरे को बस जांकता रह गया
तेरी यादों के झूले में बैठे हुए
सुबह तक इसको में झूलता रह गया
तेरी बातों में खुश्बू थी जो प्यार की
जानेमन उस को मैं सुंगता रह गया
मुझ को आ कर किसी ने बचाया नहीं
तेरी आंखों में मैं डूबता रह गया
सबसे अच्छी अदा है तेरी कौन सी
उम्र भर मैं यही सोचता रह गया
___