प्रेम डगर पर चल ना
अंगार पर कदम रखना
झेल पाओगे इस दहन को ??
जग के ताने सुन कर भी
प्रीत के पथ पर अटल रह पाओगे ??
शीशे का दिल रख के
दुनिया के पत्थर की माड़ से खुद को
कैसे बचा पाओगे??
प्रेम जितना सच्चा उतनी कठिन परीक्षा,
राधा हो या मीरा सब ने ये सफर तय किया
भग्न ह्रदय की ज्वाला को
परिबर्तित कर आल्हाद मैं
कया निस्वार्थ प्रेम का सृजन कर पाओगे ??