💓तेरी "सोहबत की ख्वाहिश ने ,
क्या से क्या बना दिया,
जान बेचने निकले थे,
दिल ही बेईमान बना दिया....!!!
💓इस' फकीर को तेरी "जुस्तजू ने ,
क्या से क्या बना दिया,
माँग रहें थे "रहमत,
और देख सबसे "अमीर बना दिया....!!!
💓हम तो खोज रहे थे,
रोशनी के "झरोखे,
तुमने तो "चश्मों चिरागो से,
ज़रा ज़रा जगमगा" दिय़ा...
क्या हमें बना दिया....!!!!
💓बड़े उसूल वाले थे हम,
एक तेरी आरज़ू नें,
सारे उसूलो को,
ताक़" पें रखवा दिया....
क्या से क्या हमें बना दिया....!!!!
💓राजे इश्क़" रखना था हमको,
धड़कनो नें शोर कर,
तुमको ही,
राजदार" बना दिया....
हाँ, तुमको ही सब बता दिया...!!!
💓हरारते दिल,
करने लगा हैं बगावत",
यें कैसा इल्जाम" तुमने,
लगवा दिया,
नेक इरादे दिल को "बेईमान इरादे" बना दिया ...!!!!
📝📝नेहा चौधरी की क़लम से ✍✍