अधूरे अधूरे से खुवाब हैं
बस तेरे आने की खुवाईश है।
गम ही है न है खुशी
जिंदगी अब मेरी तनहा गुजरने लगी।
मेरी बस मेरी चाहत है तू
मगर सायद तेरी चाहत मै नहीं।
एक तेरा यकीन था
पर तूने मुझे कभी समझा नहीं।
ठुकरा के इस कदर मुझे
बफा के बदले में बेबफाई ही मिली।
#lalitraj