चिडिय़ा रानी पूछने लगी पेड़ से क्या में तुम्हारी टहनी पर अपना घोंसला बनालू, नुकसान तुम्हारा होने न दूं मैं बस अपने घोंसले में अपने अंडे रख उनकी निगरानी में रहूंगी, और जब मेरे बच्चे पंख फैलाकर उड़ना सीख लेते तब छोड़ कर चली जाउंगी अपना बसेरा।
चिड़िया रानी की बात सुन पेड़ बोला तुम मेरे परिवार की तरह है रहना और सबसे ऊंची डाली पर तुम अपना घोंसला है बनाना क्योंकि बोर मै रहता यहां एक जगह रहकर और जब तुम्हारी मीठी मधुर ध्वनि सुनकर मेरा सारा दिन है अच्छा जाता,कोई ओर नहीं मेरे पास वक्त बिताने आता बस तुम ही हो जो अपनी चहचहाहट से मेरे मन को भेलाती। #lalitraj
#घोंसला