जब किसी भी वजह से देह का रिश्ता दरकता है तो दिल और दिमाग का संतुलन भी बिगड़ने लगता है। रिश्तों में दूरी आने से किसी तीसरे की जगह भी बनने की सम्भावना रहती है। दूरी की वजह से तीसरे का प्रवेश हुआ या उसके प्रवेश से दूरी आयी? एक स्त्री सिर्फ पत्नी नहीं होती, एक माँ और एक बहू भी होती है। बड़े होते बच्चों को माँ के अधिक समय की दरकार होती है, तब कई दफे पति खुद को उपेक्षित समझने लगता है। कामिनी और मुकुल के बीच किसी तीसरे की आहट, केवल कामिनी का शक है या वाकई कोई है? बिखरते रिश्तों की वजह तलाशने का प्रयास... पढ़िए #देह_की_दहलीज_पर उपन्यास की दसवीं कड़ी...
Kavita Verma लिखित कहानी "देह की दहलीज पर - 10" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें
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