#Mighty became the Justice of all sins
By CORONA for each Human being deed..!!
My New Poem ....!!!!
गीला तकिया
सूजी हुई पलकें
और आंखोंके काले घेरे
बगावत करते
वो जख्म जिन्हें तुम
हंसी की चमकती चादर तले
सुलाएँ रखती थी
बाबुलकी ईजजत
और माँ के दुलारकी ख़ातिर
कल तक जुमँ-औ-सितम दरिदगीँके
दबाएँ रखती थी
अबला अभण अनपढ़
नारी कल तक नपुंसक भेडिऔकी
शिकार थी
आज वो दुगाँ..कालका..रएचंडी...
पायलट.दाकतर..अवकाशयात्री
और भेड़ियोंकी तो साँमत बनी...
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