निज ज्ञान,त्याग,तपोबल से,हम भारतीय हैं शक्तिमान।
सब बाधायें चरण चूमती, अगर जो लें कुछ मन में ठान।।
पावन धरती पर ऋषि-मुनि भी,बस पल में सिन्धु सुखाते हैं।
सारी दुनिया के शक्तिमान, भारत को शीश झुकाते हैं।।
सर्वशक्तिमान ईश्वर को,हम अपने वश में करते हैं।
हम नहीं काल से डरे कभी, केवल उस प्रभु से डरते हैं।।
समय पड़ा तो बच्चों ने भी, यहां घास की रोटी खायींं ।
कितना भी हो रिपु शक्तिमान, अपनी तेगें नहीं झुकायीं ।।
#शक्तिमान