"ये कलम है साहब"
कलम से कलम को
क़लम कर नहीं सकते
ज़ुदा हो भी जाये
कलम एक कलम से
शब्दों की रवानगी
कलम से तनिक भी
कर नहीं सकतें
गुलामी की बेड़ियाँ तक
नोच डाली इसने
विचारों में भी
हाशिये पे कलम को
कर नहीं सकते
राह में शब्दों के यदि
झंझावात आये भी
तो क्या है
फ़सल को कलम की
कलम से क़लम
कर नहीं सकते
🙏🏻जय हो🙏🏻
* जुगनू *