मेरी गजलें:कुमार किशन कीर्ति
1 वह लड़की
वह लड़की है या नूर है
लेकिन,खूबसूरत तो जरूर है
मुझे देखकर उसका पलकें झुकाना
लगता है उसे भी इश्क जरूर है
मेरा दिल क्यों उसे ही चाहें
कोई बात तो जरूर है
क्यों यह महफिल सजी हुई है
लगता है, वह लड़की यही कही जरूर है
2 यह सुहानी रातें
यह सुहानी रातें
यह प्रीत भरी बातें
कही यूँ ना बीत जाए
हमारी मुलाकातें
आओ लग जाए गलें
भुलाकर सारी बातें
कही मिले या ना मिले
यह सुहानी रातें
यह चाँद ना जाने क्यों
तन्हा सफर करता है
इन सुहानी रातों
वेबक्त गुजारा करता है
जब हमसफर साथ हो
तो वक्त जाया नहीं करते
कही मिले या ना मिले
यह सुहानी रातें
-- Kumar Kishan Kirti
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