जिंदगी को समझेना इतना आसान नहीं,
कोई तो ऐसे में भी सोच् लेते हैं।।।
नजीदिक् वाले लोगो भी अनजाने में
मुखड़ा में रंग भर कर झुटे अजनबी वन जाते हेँ।।
कास् कोई समझपाता हे कि,
कई किसिका सदा सर्वदा के लिए
आपना हो कर नहीं रेहता।।।
कभी कभी ग़म से भी मुस्कराना पड़ता हे,
ए जिंदगी हे कितना रंग दिखाती है।
आपना जिंदगी को आपने से ही लड़ कर
मुक्नदर सिकन्दर कहा जाता है।