दुनिया के सभी लोग छुपे हुए दर्द में जी रहे हैं।
सब नशे पर हैं, ताकि दर्द पता न चले। सब तरह के नशे: ज्ञान का, सम्बन्धों का, शराब का, दौलत का।
इस दर्द को देखो तो, चित्त भटकना बंद हो जाएगा।
एक ही चीत्कार उठेगा — आज़ादी, आज़ादी! न पैसा, न ताकत, बस आज़ादी।
#Azad