ओ ’कोरोना’ के देनेवाले, ज़िन्दगी के लेनेवाले
ओ ‘कोरोना’ गके देनेवाले, ज़िन्दगी के लेनेवाले
रोटी हमारी छिन के बता तुझे क्या मिला
क्या करे मालिक जब छुट गई नौकरी
बिछड गया हमारा क़िस्मत
तूने छुडाई हमारी नौकरी, जीनेका सहारा छिना
लाज तुझे क्यो ना आती
चैन हमारा लूट के बता तुझे क्या मिला
हमने कब तोड़े भला अरमान तेरे
फिर क्यो बुझाये तूने जिवन के उजारे हमारे
हमे हमारी नौकरी दे दे, नवजीवनका दान दे दे
खोये हुये हमारे चैन दे दे
रोटी हमारी छीन के बता तुझे क्या मिला