छोड़ो रूठ जाने के वादे,
सोचो में कितना रोया हूं,
कहीं छोड़ ना जाओ खुदा से भी लड़ा हूं।
खुद टूट टूट कर बिखर गया हूं।
दुनिया से में एक ही ख्वाहिश मांगता हूं।
की न्याय और अन्याय का फर्क ना निकालो प्यार है तो प्यार करी व्यापार ना बनावो
❣️PYAR KA EK AHESHASH ❣️