‘कोरोना’ इस दिलसे तेरी याद भुलाइ नहि जाती ....
‘कोरोना’ इस दिलसे तेरी याद भुलाइ नहि जाती ....
ये चाइना की नापाक हरकत है, स्विकारी नहि जाती...२
मर मर के बनाई है जो वायरसे महोब्बत
खुद अपने ही हाथों से मीटाइ नहि जाती
...मीटाइ नहि जाती
ईस दिल से 'कोरोना' तेरी याद भुलाइ नहि जाती....२
ले जाअेंगे दिल की लगी को कहां से कहां तक ...२
इन आँसुओं से ये आग बुझाइ तो नहि जाती...२
'कोरोना' दिल से तेरी याद मीटाइ नहि जाती...
मीटाइ नहि जाती…..
ये चाइना की नापाक हरकत है स्विकारी नहि जाती...२
ये चाइना की नापाक ओलाद है स्वीकारी ही नहि जाती
ये चाइना की ना- जायज दोलत है लुटाइ ही जाती
ये चाइना की ना- जायज दोलत है लुटाइ ही जाती
किस मुंह से ये कहते हो के तुम हम को भुल जाओ....
किस मुंह से ये कहते हो के तुम हम को भुल जाओ
……….. हमे भुल जाओ
हर रोज़ तो ये दुनिया बसाइ नहि जाती...२
ये चाइना की नापाक हरकत है स्विकारी ही नहि जाती...२
ये चाइना की नापाक हरकत है स्विकारी ही नहि जाती...२
मर मर के बनाई है जो कब्रस्ताने महोबत
खुद अपने ही हाथों से लाशे दफनाइ नहि जाती ..
..दफनाइ नहि जाती ..
ये चाइना की नापाक हरकत है स्विकारी ही नहि जाती...२
ये चाइना की नापाक हरकत है स्विकारी ही नहि जाती...२
ये चाइना की नापाक दोलत है लुटाई ही जाती...२